तुझे बेतहाशा चाहना

#love #mistake #ishq #wordpressभूल थी मेरी ,तुझ बेतशाहा चाहना।
अदा थी तेरी ,मेरा साथ न निभाना।राह तेरी तकना ,वो जाग जाग कर
सितम ये कि तेरा लौट के न आना।इशक की गिरफ्त मे ऐसी मैं आई
चाह कर भी मेरा छूट न पाना।यकीं तुमको मोहब्बत का नही था
तोङ गया मुझको तेरा आजमाना।नैन तके राह अभी भी ओ पिया
छोङ भी दे अब मुझको सताना।Surinder kaur

जब सोचा था

जब सोचा था हमने दिलसे तो गुनहगार थे बहुत
देखा तो जिन्दगी मे फूल कम और खार थे बहुत

गुनाह बख्शाने के लिए सोचे भी तो कैसे,
लगे कतार मे हम से खतावार थे बहुत ।

हमारे ही हिस्से मे बहार न कभी आई,
यू जिन्दगी मे मौसम खुशगवार थे बहुत ।

हम ही अपनी प्यास कभी न बुझा सके,
वैसे राह मे हमारी भी यू आबशार थे बहुत ।

Surinder kaur

पैगाम ए उल्फत

महकते खतो मे पैगामे उल्फत हो
जरूरी तो नही।
खूबसूरत हाथों मे किस्मत भी हो
जरूरी तो नही।
हर प्यार भरी नजर मोहब्बत की हो
जरूरी तो नही।
अच्छे लोगो से अच्छी सोहब्बत भी हो
जरूरी तो नही।
साथ रहने से,सदा कुरबत भी हो ये
जरूरी तो नही।
पैसा न होने से ,गुरबत भी हो ये
जरूरी तो नही।
बात न करना ,,नफरत ही हो
जरूरी तो नही।
तुम्हे मुझ से फिर मोहब्बत हो
जरूरी तो नही।
Surinder kaur

वो इश्क़ तेरा

#ishq #love #wordpressवो इशक तेरा ,जैसे धीमी धीमी फुहार।
मिलने को तुमसे,मै हुई बेकरार।वो तकना तेरा,पीछे मुङ के सौ बार।
वो दिल की धङकन हुई थी जोरदार।पढ़ना ख़त तेरा,सुन के मिन्नते हजार।
शिकवे किये थे जिसमे तूने बेशुमार।वो मेरा मान जाना,करके थोङी तकरार।
भागना मेरा फिर,हवा पे हो के सवार।वो एक नज़र तेरी,जैसे तीखी कटार।
बस ऐसे ही हो गया मुझे तुमसे प्यार।
सुरिंदर कौर

दुआ क्या है

#prayers #love #punishment

मै नही जानता दुआ क्या है।
या इलाही ये माजरा क्या है।

जुर्म अपना हम भी मानते है
सोचते नही अब सजा क्या है।

दिल में कोहराम मचा है मेरे
आखिर अंदर ये ,टूटा क्या है।

बेवफा उनको कैसे कहे हम
वो न जानते ये वफा क्या है।

रोज मर मर के हम जीते है
जिंदगी से ये फासला क्या है।

हार इशक से अभी नही मानी
जानते हो ये हौंसला क्या है।

सुरिंदर कौर

इशक किया है

#love #trust #hindi #shyari

इशक किया है ,एतमाद भी तो चाहिये।
एक दिल होना, बरबाद भी तो चाहिये।।

खामोशियाँ कब तल्क, अरे पढे कोई
थोङा आपस में, संवाद भी तो चाहिये।।

मुरादें माँग तो ले,हम खुदा से लेकिन
दिल में कोई ,नामुराद भी तो चाहिये ।।

अमन इतना भी नही अच्छा जिंदगी में
हरारत के लिये,फसाद भी तो चाहिये।।

नफरत भी की है,तुमसे मोहब्बत से
इशक का कोई,अपवाद भी तो चाहिये।।

सुरिंदर कौर

सवाल

#date #photograph #sad #memories

तस्वीरों के पीछे लिखे हुये ये साल।
उठा देता है ज़हन में कई सवाल।।

चीत्कार यादों की थका देती है मन
आ जाते है दिल मे कई भूचाल।।

याद आता है कैसे मुस्कराई थी झूठा
कैसे छिपाया था मन का मलाल।।

लौट कर कभी नही आयेगा वो पल
इसी सोच में दी ,जिंदगी निकाल।।

बहुत कुछ बयाँ करती है ये तारीखे
यादें और बस यादें रखती है संभाल।।
सुरिंदर कौर